दिल्ली हाईकोर्ट ने आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े की नेटफ्लिक्स वेबसीरीज ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ के खिलाफ मानहानि याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया। जस्टिस पुरुषेंद्र कौरव ने आदेश जारी कर मामले को सही अधिकार वाली अदालत में लौटाने का निर्देश दिया।
वानखेड़े ने शाहरुख खान प्रोडक्शन रेड चिलीज और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर सीरीज के कंटेंट को पक्षपाती व अपमानजनक करार दिया। उन्होंने कहा कि यह उनकी प्रतिष्ठा, परिवार और केंद्रीय नारकोटिक्स एजेंसी की साख को नुकसान पहुंचाता है। आमजन का सरकारी तंत्र पर भरोसा कमजोर हो रहा है।
मांग में स्थायी स्टे, कंटेंट हटाने और 2 करोड़ का हर्जाना शामिल था, जो कैंसर मरीजों के लिए टाटा अस्पताल को दान होना था। शिकायत में एक दृश्य का जिक्र है जहां ‘सत्यमेव जयते’ के बाद अशोभनीय हरकत दिखाई गई, जिसे राष्ट्रध्वज स्लोगन का अपराध बताया।
कोर्ट ने 2 दिसंबर 2025 को दलीलें सुनकर फैसला आरक्षित किया था। आर्यन खान ड्रग्स केस से संबंधित वानखेड़े के मुकदमे मुंबई अदालतों में चल रहे हैं। यह निर्णय डिजिटल मीडिया में अधिकार क्षेत्र की स्पष्टता पर जोर देता है, जिससे आगे की सुनवाई में देरी हो सकती है।