नई दिल्ली। गैंगस्टर ख्वाजा नईमुद्दीन के साम्राज्य पर ईडी ने कुल्हाड़ी चलाई है। पीएमएलए कोर्ट में अभियोजन शिकायत दायर कर उसके परिवार और साथियों पर शिकंजा कसा गया। रंगारेड्डी की अदालत ने 21 जनवरी 2026 को मामला संज्ञान में लिया।
पाशम श्रीनिवास, हसीना बेगम, ताहिरा बेगम, सलीमा बेगम, अब्दुल सलीम, अहेला बेगम, नीलोफर, फिरदौस अंजुम, आरिफ और हीना कौसर आरोपी हैं। गैंग का तंत्र खतरनाक था—जमीन चिन्हित कर मालिकों को अगवा या धमकाकर बिना भुगतान रजिस्ट्री करा ली जाती। पीड़ित खामोश रहने को मजबूर।
पुलिस एफआईआर, बेनामी अधिनियम के तहत आयकर कार्रवाई और विशेष जांच दल की रिपोर्टों से 91 संपत्तियों का पर्दाफाश हुआ। ये नईम के करीबियों के नाम जबरन हस्तांतरित की गईं और अब जब्ती के दायरे में हैं।
हैदराबाद के कुख्यात डॉन नईम की 2016 में पुलिस से मुठभेड़ में मौत हुई, लेकिन उसकी संपत्तियां बरकरार रहीं। ईडी की यह मुहिम माफिया की काली कमाई को सफेद धन में बदलने की साजिश को विफल करेगी, पीड़ितों को न्याय दिलाएगी।