मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल में कहा कि केवल मजबूत शैक्षिक ढांचे से ही प्रदेश के बच्चों का भविष्य रोशन हो सकता है। बच्चे देश की पूंजी हैं, इन्हें सशक्त बनाना हमारी साझा जिम्मेदारी है।
बेहतर शिक्षा प्रदान करने हेतु सरकार ने आधारभूत सुविधाओं और दक्ष मानव संसाधन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। सभी योग्य छात्रों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सांदीपनि स्कूल शुरू किए गए हैं, जो गुरुकुल शैली पर आधारित हैं। प्रदेशभर में अब तक 369 ऐसे विद्यालय कार्यरत हैं।
शिक्षा अधिकार अधिनियम के दायरे में 8.50 लाख छात्रों की पढ़ाई के लिए समग्र इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। सीएम ने भरोसा दिलाया कि इस दिशा में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
निरंतर नवाचार, स्कूलों का उन्नयन और सांदीपनि विद्यालयों की उत्कृष्टता से मध्य प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। ये कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं।