सरकार आगामी बजट में पूंजीगत खर्च को पिछले वर्ष से 10 प्रतिशत अधिक बढ़ाने की तैयारी में है, जो 12 लाख करोड़ रुपये को पार कर सकता है। एसबीआई की नई रिपोर्ट ने इसकी भविष्यवाणी की है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने पर केंद्रित है।
बड़े प्रोजेक्ट्स जैसे सड़कें, रेल, बंदरगाह और ऊर्जा में निवेश से जीडीपी ग्रोथ तेज होगी। रोजगार सृजन और आर्थिक चक्र सुचारू बनेगा। वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की वित्तीय सतर्कता सराहनीय है।
महामारी पश्चात रिकवरी उल्लेखनीय रही। कर आय में हल्की बढ़ोतरी, नाममात्र जीडीपी 10.5-11 प्रतिशत, घाटा 4.2 प्रतिशत अनुमानित।
उधारी जरूरतें: केंद्र 11.7 लाख करोड़ शुद्ध, राज्य 12.6 लाख करोड़। आरबीआई की भूमिका अहम।
सुझावों में बैंक बचत पर कर समानता, जीएसटी सुधार, बीमा विस्तार शामिल। राज्य बजटों में मध्यमकालीन कर्ज योजनाएं अनिवार्य।
एसबीआई के ये विचार भविष्य के बजट को आकार देंगे, भारत को विकास पथ पर अग्रसर रखेंगे।