चीनी वीजा घोटाले में नया मोड़ आया जब दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम की अपील पर सीबीआई को नोटिस थमाया। निचली अदालत के आरोप तय करने के फैसले को वे चुनौती दे रहे हैं।
जस्टिस मनोज जैन ने बुधवार को सुनवाई के दौरान याचिका व ट्रायल रोक की प्रार्थना पर नोटिस जारी किए। 12 फरवरी को अगली सुनवाई निर्धारित की गई है, जहां जांच एजेंसी जवाब देगी।
सिद्धार्थ लूथरा ने अदालत में कहा कि भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं के लिए सरकारी अफसर की मिलीभगत जरूरी है जो यहां नहीं है। ट्रायल कोर्ट ने बिना सबूत आईपीसी की धारा 204 लगा दी, जो अमान्य है।
अदालत ने अंतरिम राहत से पहले सीबीआई की रिपोर्ट मांगी। मामले में पहले जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा, अनूप जयराम भंभानी व गिरीश कथपालिया ने खुद को अलग किया था।
विशेष कोर्ट ने 23 दिसंबर को 2011 के वीजा कांड में कार्ति पर साजिश व रिश्वत के आरोप लगाए। पंजाब के मनसा में वेदांता की तलवंडी साबो पावर प्रोजेक्ट पर 250 चीनी कामगारों के वीजा गृह मंत्रालय के नियम तोड़ बढ़ाए गए थे। चेतन श्रीवास्तव बरी हो गए।
यह केस विकास परियोजनाओं व नियामक अनुपालन के बीच टकराव को उजागर करता है। हाईकोर्ट का फैसला ट्रायल की दिशा तय करेगा।