महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान दुर्घटना में असामयिक निधन पर रत्नागिरी पालकमंत्री उदय सामंत ने हृदय विदारक शोक प्रकट किया। अजित पवार उनके राजनीतिक गुरु ही नहीं, अपनो जैसे थे, यही भाव उन्होंने साझा किया।
प्रेस से मुखातिब होते हुए सामंत ने उनके घनिष्ठ संबंधों का वर्णन किया। राजनीति से कहीं बढ़कर यह रिश्ता था—मार्गदर्शन, मित्रतापूर्ण नसीहतें और निरंतर बातचीत। इसकी मिसाल स्वरूप उन्होंने अजित पावर के साथ फोटो पत्रकारों के समक्ष प्रस्तुत की।
मृत्यु से कुछ घंटे पूर्व शाम 7 बजे पुणे एमआईडीसी विकास और राजनीतिक मुद्दों पर तीन बार फोन पर वार्ता हुई। बुधवार सुबह की खबर ने उन्हें तोड़ दिया।
राजनीतिक सफर की नींव में अजित पवार का योगदान अविस्मरणीय, शरद पवार के साये में पूरे महाराष्ट्र में पहचान बनी। लगभग 25 बरसों का निस्वार्थ साथ खोना दिल दहला देने वाला है।
सामंत ने दिवंगत आत्मा को शांति और परिजनों को संबल देने की प्रार्थना की। राज्य ने विकास पुरुष को खो दिया, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस होगी। राजनीति में यह बड़ा धक्का है। हादसा इमरजेंसी लैंडिंग में हुआ, पांचों यात्रियों की जान गई। देश के कोने-कोने से शोक संदेश आ रहे हैं।