अजित पवार की बारामती विमान दुर्घटना में मौत ने विमानन जगत को हिला दिया है। पूर्व एयर इंडिया पायलट मीनो वाडिया ने इस घटना पर विस्तार से चर्चा की और बिना प्रमाण के निष्कर्ष निकालने से रोका। उन्होंने सुरक्षा तंत्र की कमियों को रेखांकित किया।
घटना का विवरण देते हुए बताया कि खराब दृश्यता में पहली लैंडिंग विफल रही, गो-अराउंड जरूरी पड़ा। दूसरी प्रयास में विमान गिरा। इमरजेंसी क्यों? इंजन दोष? एक इंजन फेल होने पर भी सुरक्षित लैंडिंग हो सकती थी।
अंडरकारेज खराबी की खबरें गलत लगती हैं, क्योंकि क्रैश साइट रनवे से दूर था। सुबह 9 बजे के करीब धुआं था, लेकिन कोहरा नहीं। दृश्यता असर डालती है, पर पूर्ण जिम्मेदार नहीं।
पायलट पर इल्जाम लगाने को वाडिया ने अनुचित बताया। प्रशिक्षण उच्च स्तर का होता है। पिछले हादसों से सबक लें।
देश में स्वतंत्र सेफ्टी बोर्ड गायब है। डीजीसीए को मजबूत बनाना जरूरी। चाहे कोई भी उड़ान, सुरक्षा पहले।
कारणों में दोहरी इंजन खराबी या अन्य तकनीकी खलल संभव। ठोस जांच ही उत्तर देगी। विमानन सुधार का समय आ गया है।