बिहार में एक नाबालिग नीट अभ्यर्थी की हॉस्टल में रहस्यमयी मौत के मामले ने सनसनी फैला दी है। एफएसएल ने 11 संदिग्धों के ब्लड सैंपल कलेक्ट किए, जिनमें हॉस्टल संचालक मनीष रंजन, मृतका के परिजन और अन्य शामिल हैं।
कपड़ों पर मिले शुक्राणु ने पॉक्सो एक्ट लागू करने का रास्ता साफ कर दिया। 10 जनवरी को सौंपे गए नमूनों की रिपोर्ट एसआईटी को मिल चुकी है। पीएमसीएच की ऑटोप्सी ने भी यौन हिंसा की पुष्टि की, प्रारंभिक रिपोर्टों पर सवाल उठाए।
जांच में ढिलाई से दो थाना प्रभारी निलंबित: रोशनी कुमारी और हेमंत झा। मंत्री सम्राट चौधरी ने वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया।
यह हादसा बिहार के कोचिंग संस्थानों में छात्र सुरक्षा पर बहस छेड़ रहा है। डीएनए मिलान से दोषियों को सजा दिलाने का भरोसा है। अभिभावक सतर्क हों, सरकार सुधार लाएगी।