उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मंगलवार को नई दिल्ली के उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में माय भारत-एनएसएस 2026 गणतंत्र दिवस परेड दल के साथ विचारोत्तेजक संवाद किया।
छात्र स्वयंसेवकों का उत्साह देखकर उन्होंने भारत के युवा बल की ताकत को रेखांकित किया। छात्र जीवन में एनएसएस से जुड़े अपने संस्मरण सुनाते हुए योजना के चरित्र, अनुशासन और सेवा भाव जगाने वाले प्रभाव पर प्रकाश डाला।
गणतंत्र दिवस परेड में दल की गरिमापूर्ण भागीदारी की तारीफ की और माय भारत कार्यक्रम को मजबूती देने वाले युवा मंत्रालय की सराहना की। भारत की प्रगति का मूल राष्ट्रीय एकता और सामूहिक सेवा में है, यही उनका मुख्य संदेश था।
सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों को याद कर युवाओं से समाजहित में तत्पर रहने को कहा। 2047 के विकसित भारत अभियान को सभी की साझा जिम्मेदारी बताते हुए देशभक्त युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण बताई।
युवा पीढ़ी की प्रतिभा और वैश्विक अनुभव से भारत का सुनहरा भविष्य निश्चित है। आर्थिक उन्नति के साथ सामाजिक एकजुटता, नैतिक बल और सशक्त मूल्य जरूरी हैं, जिन्हें एनएसएस जन जागरण, पर्यावरण रक्षा, स्वास्थ्य अभियान, विकास कार्य और आपदा सहायता से मजबूत किया जा रहा है।
स्वयंसेवकों के इन प्रयासों का गुणगान किया। युवाओं को आसान रास्तों से दूर रहने, सेवा में संयम रखने और दृढ़ता अपनाने की नसीहत दी। ईमानदार मेहनत फलदायी होगी, भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम में युवा एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षक उपस्थित थे।