मीडिया में घूम रही निपाह वायरस की खबरों पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने सफाई दी। पश्चिम बंगाल में दिसंबर के बाद सिर्फ दो पुष्ट मामले। 27 जनवरी के बयान में गलत आंकड़ों की निंदा की गई।
दोनों केसों के 196 निकट संपर्कों को चिह्नित किया गया। एनसीडीसी ने जांच-पड़ताल पूरी की—सभी स्वस्थ, रिपोर्ट शून्य।
अतिरिक्त संक्रमण रुका। केंद्र-राज्य समन्वय से निगरानी मजबूत हुई, जांच तंत्र सक्रिय। महामारी को फैलने नहीं दिया।
जूनोटिक निपाह फ्रूट बैट्स से आता है। संक्रमित स्राव से फैलाव। फेफड़ों-मस्तिष्क पर हमला, घातक। इलाज सीमित।
स्थिति स्थिर, सभी उपाय जारी। मंत्रालय की अपील: पुष्ट खबरें ही साझा करें। भ्रम से बचें। बंगाल मॉडल अन्य राज्यों के लिए उदाहरण।