भारत मंडपम, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारत-ईयू बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि यह संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत है। ईयू नेताओं का गणतंत्र दिवस पर पहली बार मुख्य अतिथि बनना, ऐतिहासिक एफटीए और बड़े स्तर का यह सीईओ मंच—ये उपलब्धियां वैश्विक लोकतंत्रों के गठजोड़ को रेखांकित करती हैं।
साझा मूल्यों और प्राथमिकताओं पर आधारित यह साझेदारी नई ऊंचाइयों को छू रही है। व्यापार 180 अरब यूरो तक पहुंचा, हजारों कंपनियां दोनों तरफ सक्रिय। ग्लोबल उथल-पुथल में एफटीए स्थिरता का संदेश देता है।
तीन फोकस क्षेत्र: एक, हथियार बने व्यापार-तकनीक पर निर्भरता कम करें—ईवी, चिप्स, बैटरी में विश्वसनीय चेन बनाएं। दो, रक्षा उद्योग, स्पेस, टेलीकॉम, एआई में गहरा सहयोग। तीन, स्वच्छ भविष्य के लिए ग्रीन हाइड्रोजन से सोलर, स्मार्ट सिस्टम, न्यूक्लियर, मोबिलिटी, जल, सर्कुलर इकोनॉमी, कृषि तक संयुक्त निवेश-शोध।
यह फोरम भविष्योन्मुखी रणनीति का मॉडल है, जो दोनों को मजबूत बनाएगा।