राजस्थान विधानसभा में बुधवार से बजट सत्र शुरू होने वाला है, जो राज्य की राजनीति के लिए बड़ा पड़ाव साबित होगा। विपक्ष की तीखी तैयारी के जवाब में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शाम 4:30 बजे अपने आवास पर विधायक दल की बैठक बुलाई है। यह रणनीतिक मंथन सत्ता पक्ष को मजबूत करेगा।
मंत्री जोगाराम पटेल ने इसे ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि भजनलाल सरकार के पिछले दो बजट न केवल घोषणाओं तक सीमित रहे, बल्कि इन्हें कार्यान्वित भी किया गया। विधानसभा का समृद्ध अतीत है और तीसरा बजट भी मील का पत्थर बनेगा।
पटेल ने प्रतिपक्ष को विकास प्रक्रिया की कुंजी करार दिया। उनका मानना है कि वे जनता के हितों को बहस, सिफारिशों और समीक्षा के जरिए सामने लाएंगे। सरकार सदैव उत्तरदायी बनी रहेगी। सत्र की गरिमा बनी रहेगी, ऐसी उम्मीद है।
हालांकि, विपक्षी नेताओं के आरोपों से सत्र शोरगुल भरा हो सकता है। सरकार पर कल्याणकारी मुद्दों को नजरअंदाज करने का इल्जाम है, जिसे प्रशासनिक सुधारों से प्रतिपक्ष कर रहा है। सदन में भिड़ंत की स्थिति बन सकती है।
फरवरी में बजट आएगा, जिसकी तैयारियां सीएम की बैठकों से तेज हैं। बुनियादी विकास, नौकरियां और कल्याण योजनाओं पर फोकस रहेगा, जो राजस्थान की प्रगति का आधार बनेगा।