चंडीगढ़ में मंगलवार को पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों ने सतलुज-यमुना नहर विवाद पर गहन बातचीत की। भगवंत मान और नायब सिंह सैनी की यह मुलाकात दोनों राज्यों के संबंधों में नई गर्मजोशी लाई।
मीडिया बयान में मान ने भावुक अपील की, ‘हरियाणा भाई है, दुश्मन नहीं। भाई कन्हैया की परंपरा हमें सिखाती है।’ जल संकट को वैश्विक बताया और एसवाईएल को समझदारी से हल करने की जरूरत पर जोर दिया।
दोनों ने पक्ष रखे, बिना कागजात के। मान ने मजाकिया अंदाज में कहा कि सैनी से हर बार यही चर्चा। अब अधिकारी मासिक बहुवार बैठक करेंगे। अदालत व केंद्र की सलाह मानते हुए सक्रियता दिखाएंगे।
प्रोटोकॉल रहित बैठकें खुली बातचीत सुनिश्चित करेंगी। रिपोर्ट सीएम तक पहुंचेगी, फोन पर फैसले होंगे। मान ने पंचायती परंपरा याद दिलाई। 1966 के बंटवारे के बाद भाईचारा कायम रखें, हक सुरक्षित रखें।
सैनी ने गुरु नानक की पंक्तियां दोहराईं, जल-वायु का सम्मान बताया। सकारात्मक वातावरण से बेहतर नतीजे। पूर्व बैठकें सकारात्मक रहीं। अब नियमित अधिकारी संवाद से रास्ता साफ होगा। दोनों राज्यों के हित में समाधान बनेगा।