पंजाब में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आया है। सड़क सुरक्षा बल (एसएसएफ) के गठन के बाद दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में 48 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को इस सफलता का श्रेय बल की तीव्र प्रतिक्रिया क्षमता, तत्काल प्राथमिक चिकित्सा और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं को दिया।
पहले सड़क मौतों के आंकड़ों में अव्वल पंक्ति में रहा पंजाब अब सुरक्षित राज्यों की श्रेणी में आ गया है। मान ने बताया कि एसएसएफ ने पटियाला-सिरहिंद जैसे खतरनाक मार्गों को ठीक किया और 43,000 किमी सड़कों का निर्माण सहयोग दिया।
प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में पंजाब की इस योजना को सराहा और इसे देशव्यापी मॉडल बताया। अनेक राज्य इसे अपनाने के इच्छुक हैं और पंजाब सरकार से संपर्क कर रहे हैं।
दुर्घटना वाले 4,200 किमी राजमार्गों पर सक्रिय एसएसएफ नियमों का पालन करवाती है, उल्लंघनों पर अंकुश लगाती है और घायलों का धन-सामान वापस करती है। पिछली सरकारों द्वारा नजरअंदाज किए गए इस मुद्दे पर मान सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया, जो अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय है।