भारत सरकार की 2026 पद्म पुरस्कारों की सूची में मुरादाबाद निवासी चिरंजी लाल यादव का नाम कला के लिए पद्मश्री के साथ चमका। गणतंत्र दिवस से ठीक पहले आई इस खुशखबरी पर यादव हैरान हैं। 1970 से हस्तशिल्प में सक्रिय इस कलाकार को कई पुरस्कार मिले, लेकिन पद्मश्री की कल्पना न थी।
मीडिया रिपोर्ट से ही खबर मिली, फिर बधाइयों की बौछार हो गई। ‘मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा, यह सम्मान मेरे कार्य को राष्ट्रीय पटल पर ले जाएगा,’ उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा। देश की विभिन्न प्रदर्शनियों में भाग ले चुके हैं और बच्चों को प्रशिक्षण दे चुके हैं।
पीएम मोदी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए बोले कि सरकार कारीगरों को आगे बढ़ा रही है। सभी समुदायों के लिए सराहनीय कार्य हो रहे हैं। बाधाओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी।
पद्म विभूषण, भूषण और श्री नागरिक सम्मानों की त्रयी है, जो कला से लेकर खेल तक विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता को पुरस्कृत करती है। गणतंत्र दिवस पर इनकी घोषणा उत्साह बढ़ाती है। यादव के इस उपलब्धि से हस्तशिल्प जगत उत्साहित है, नई संभावनाएं खुलेंगी।