रविवार को गृह मंत्रालय ने 2024 पद्म पुरस्कारों का ऐलान किया, जिसमें 131 व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण व 113 पद्म श्री के माध्यम से कला, विज्ञान, खेल, चिकित्सा जैसे क्षेत्रों के योगदान को सलाम।
विभूषण श्रेणी: धर्मेंद्र देओल (मरणोपरांत, महाराष्ट्र-कला), केटी थॉमस (केरल-सार्वजनिक मामले), एन राजम (उत्तर प्रदेश-कला), पी नारायणन (केरल-साहित्य), वीएस अच्युतानंदन (मरणोपरांत, केरल-सार्वजनिक मामले)।
भूषण प्राप्तकर्ता: अलका याग्निक (महाराष्ट्र-कला), भगत सिंह कोश्यारी (उत्तराखंड), कल्लीपट्टी पलानीस्वामी (तमिलनाडु-चिकित्सा), ममूटी (केरल-कला), नोरी दत्तात्रेयुडु (अमेरिका-चिकित्सा), पीयूष पांडे (मरणोपरांत, महाराष्ट्र), शिबू सोरेन (मरणोपरांत, झारखंड), उदय कोटक (महाराष्ट्र-व्यापार), विजय अमृतराज (अमेरिका-खेल) सहित अन्य।
श्री सूची में अशोक खड़े (महाराष्ट्र-व्यापार), बलदेव सिंह (पंजाब-खेल), भगवंदास रायकवार (मध्य प्रदेश-खेल), दीपिका रेड्डी (तेलंगाना-कला), डॉ. प्रभाकर बासवप्रभु कोरे (कर्नाटक-साहित्य), प्रोसेनजीत चटर्जी (पश्चिम बंगाल-कला), रोहित शर्मा (महाराष्ट्र-खेल), शिवसंकरी (तमिलनाडु-साहित्य) जैसे नाम। जोड़े जैसे गोदबोले दंपति (छत्तीसगढ़-चिकित्सा), बालासुब्रमणियन जुड़वां (तमिलनाडु) विशेष।
पूरे देश व विदेश से चयन: जर्मनी के प्रो. लार्स कोच (कला), रूस की लियुदमिला खोखलोवा (साहित्य), जॉर्जिया के व्लादिमीर मेस्टविरिशविली (मरणोपरांत, खेल)। स्थानीय नायक जैसे टागा राम भील (राजस्थान-कला), स्वामी ब्रह्मदेव जी (राजस्थान-सामाजिक कार्य)।
मरणोपरांत सम्मान गरिमेला बालकृष्ण प्रसाद (आंध्र प्रदेश-कला), वीएल खोखलोवा को। ये पुरस्कार भारतीय लोकतंत्र की गरिमा को दर्शाते हैं, जो हर क्षेत्र के अमूल्य योग को मान्यता देते हैं। राष्ट्र निर्माण में इनकी भूमिका प्रेरणादायी।