25 जनवरी को गणतंत्र दिवस की धूम से पूर्व केंद्र ने पद्म पुरस्कारों की सूची जारी कर उत्साह दोगुना कर दिया। गृह मंत्रालय की ओर से घोषित 131 नामों में विविधता और समर्पण की अनकही कहानियां बसी हैं।
सूची में पद्म विभूषण के 5, पद्म भूषण के 13 तथा पद्म श्री के 113 प्राप्तकर्ता हैं। 19 महिलाओं सहित 6 प्रवासी भारतीय/विदेशी तथा 16 मरणोपरांत सम्मान इस सूची को विशेष बनाते हैं। पद्म विभूषण मरणोपरांत धर्मेंद्र को मिला, जो बॉलीवुड के ध्रुवतारे हैं। साथ ही केटी थॉमस, एन राजम, पी नारायणन एवं वी एस अच्युतानंदन (मरणोपरांत) को यह गौरव प्राप्त हुआ।
पद्म भूषण श्रेणी में अलका याग्निक की संगीतमय विरासत, भगत सिंह कोश्यारी का नेतृत्व, ममूटी का अभिनय, शिबू सोरेन का आदिवासी संघर्ष (मरणोपरांत), उदय कोटक का वित्तीय योगदान सहित अन्य दिग्गज शामिल हैं। पूरी सूची समाज के हर वर्ग को प्रतिबिंबित करती है।
1954 से चली आ रही यह परंपरा कला से लेकर सिविल सेवा तक सभी क्षेत्रों को सम्मानित करती है। गणतंत्र दिवस पर घोषित होकर ये पुरस्कार राष्ट्रपति भवन के भव्य समारोह में वितरित होते हैं। यह घोषणा न केवल उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी।