रविवार को गणतंत्र दिवस से ठीक पहले पद्म पुरस्कार 2026 की सूची लीक हो गई। कैलाशचंद, ब्रज लाल भट्ट, डॉ. श्याम सुंदर समेत कई नाम चमक रहे हैं, सरकारी घोषणा का इंतजार।
पद्म पुरस्कार उन अनाम योद्धाओं को समर्पित हैं जिन्होंने कठिनाइयों को पार कर समाज के हाशिए पर रहने वालों की सेवा की। दलित, आदिवासी, दूरदराज के निवासी—इन्होंने जीवन समर्पित कर दिया।
स्वास्थ्य, शिक्षा, जीविका, सफाई, पर्यावरण संरक्षण और सशक्तिकरण के क्षेत्र में इनके योगदान अतुलनीय। स्थानीय बीमारियों से लड़ाई, पहला ह्यूमन मिल्क बैंक, सांस्कृतिक संरक्षण, सीमा सुरक्षा, जनजातीय कलाएं, मार्शल आर्ट और हथकरघा को संजोया।
प्रमुख नाम: अंक गौड़ा, आर्मिडा फर्नांडेज़, भगवंदास रायकवार, भिकल्या लडक्या धिंडा, बृज लाल भट, बुढ़री ताती, चरण हेम्ब्रम, चिरंजी लाल यादव, धर्मिक लाल चुनीलाल पांड्या, गफरुद्दीन मेवाती जोगी, हैली वार, इंदरजीत सिंह सिद्धू, के पजनिवेल, कैलाश चंद्र पंत, खेम राज सुंद्रियाल, कोल्लक्कायिल देवकी अम्मा जी, कुमारस्वामी थंगराज, महेंद्र कुमार मिश्रा, मीर हाजीभाई कासमभाई, मोहन नागर, नरेश चंद्र देव वर्मा, निलेश विनोदचंद्र मंडलेवाला, नूरुद्दीन अहमद, ओथुवर तिरुथनी स्वामिनाथन, पद्मा गुरमेत, पोखिला लेक्थेपी, पुन्नियामूर्ति नटेसन, आर. कृष्णन, रघुपत सिंह, रघुवीर तुकाराम खेडकर, राजस्तपति कालियप्पा गौंडर, रामा रेड्डी मामिडी, रामचंद्र गोदबोले और सुनीता गोदबोले, एस. जी. सुशीलाम्मा, संग्यूसांग एस. पोंगेनेर, शफी शौक, श्रीरंग देवाबा लाड, श्याम सुंदर, सिमांचल पात्रो, सुरेश हनगावादी, टगा राम भील, तेची गुबिन, तिरुवरूर बख्तवत्सलम, विश्व बंधु औक युमनाम जत्रा सिंह।
इनकी कहानियां प्रेरणा स्रोत हैं, राष्ट्र निर्माण में योगदान दर्शाती हैं।