उत्तर प्रदेश की क्रांतिकारी आबकारी नीति ने राजस्व में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है और अब यह देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। आधा दर्जन से अधिक राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी यहां पहुंचे, ताकि इस सफल मॉडल को अपनाने के गुर सीख सकें।
पारदर्शी नीति में तकनीकी उपायों से अवैध कारोबार पर लगाम लगाई गई है, साथ ही उपभोक्ताओं के हित सुरक्षित रखे गए हैं। आयुक्त आदर्श सिंह के अनुसार, अधिकारियों ने नीति निर्माण, डिजिटल ट्रैकिंग और लाइसेंस प्रक्रिया पर गहन बातचीत की।
डिस्टिलरी और दुकानों के दौरों में ई-लॉटरी सिस्टम, बारकोड प्रणाली और स्टॉक निगरानी की सराहना हुई। अधिकारियों का मानना है कि इससे नकदी लीकेज रुका और कमाई बढ़ी। महाराष्ट्र व कर्नाटक जैसे राज्य अपनी व्यवस्था में सुधार पर विचार कर रहे हैं।
यूपी का यह प्रयोग दर्शाता है कि नवाचार से राजस्व संचालन को नई दिशा दी जा सकती है। अन्य राज्य इसे अपना कर लाभ उठा सकते हैं।