25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर पीएम नरेंद्र मोदी ने मतदाता बनने को विशेषाधिकार और जिम्मेदारी दोनों बताया। एक्स पर शुभकामनाएं देते हुए निर्वाचन आयोग की प्रशंसा की, जो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को संचालित करता है।
इतिहास का जिक्र करते हुए 1952 के चुनावों को याद किया, जो भारतीय स्वभाव की लोकतांत्रिक भावना दर्शाते हैं। ‘माय भारत’ पत्र में नए वोटर्स के लिए उत्सव का सुझाव दिया—घर-मोहल्ले में मिठाई, कैंपस में कार्यक्रम।
स्कूल-कॉलेजों को पात्र युवाओं का पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा। वोटर्स की देशभर की निष्ठा का गुणगान किया, चाहे दुर्गम क्षेत्र ही क्यों न हों। युवा महिलाओं की भूमिका पर जोर दिया।
युवाओं को ‘मेरा युवा भारत’ प्लेटफॉर्म से जोड़ने और जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। सभी से प्रतिज्ञा ली कि समावेशी, आत्मनिर्भर भारत के लिए लोकतंत्र को और सशक्त बनाएंगे।