राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है। भाजपा के शहजाद पूनावाला ने राहुल गांधी को इंदिरा गांधी की इमरजेंसी मानसिकता वाला बताया। पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद के बयानों ने आग में घी डाला है। अहमद ने राहुल को सबसे असुरक्षित नेता करार दिया।
बिहार हार का ठीकरा एसआईआर या वोट चोरी पर फोड़ने वाले राहुल की पोल अहमद ने खोल दी। असल में टिकट घोटाले से पार्टी हारी। पूनावाला के वीडियो में अहमद के हवाले से कहा गया कि राहुल अपरिपक्व हैं और कांग्रेस को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
राहुल सोनिया के कांग्रेसी नेताओं को नकारकर बाहरीयों को बढ़ावा देते हैं। अहमद ने कहा, राहुल मजबूत चेहरों से डरते हैं। पूनावाला ने सोशल मीडिया पर इसे डरपोक नेतृत्व बताया। संविधान बचाओ का नाटक बेकार है। बिहार में मुस्लिम वोटरों ने वोट कटने से इनकार किया।
कांग्रेस अब खुद को मजबूत बनाने के बजाय भाजपा की कमजोरी का फायदा उठाने की फिराक में है। लोकसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर राहुल पर दबाव बढ़ रहा है। यह आंतरिक कलह पार्टी के लिए खतरे की घंटी है। भाजपा इसे भुनाने को तैयार है। राजनीति का यह नया मोड़ रोचक साबित हो रहा है।