शिक्षा घोटाले पर शिकंजा कसते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने बीएमएस एजुकेशनल ट्रस्ट से जुड़ी 19.46 करोड़ रुपये कीमत की संपत्तियां अटैच कर दीं। ट्रस्टीज के नाम पर एक प्लॉट व दो अपार्टमेंट 21 जनवरी को मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत फ्रीज हो गए।
केस की शुरुआत बेंगलुरु पुलिस के एफआईआर से हुई, जो कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण के एडमिशन में सीट ब्लॉकिंग से संबंधित है। बीएमएस कॉलेजों ने फीस से अधिक कैपिटेशन अमाउंट नकद लिया, एजेंटों व दलालों के नेटवर्क से।
मई-जून की छापेमारी में 1.86 करोड़ रुपये नकद पकड़े गए। डायरी एंट्रीज, चैट्स और कागजातों ने 20.20 करोड़ के काले कारोबार को उजागर किया। कॉलेज स्टाफ व एजेंटों ने कबूल किया कि अनरिकॉर्डेड कमाई ट्रस्टीज के निजी खातों में गई।
ईडी की जांच गहन है, जिसमें और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। यह घटना भारत की उच्च शिक्षा में व्याप्त कुरीतियों को镜示 करती है, जहां मेरिट का मजाक उड़ाया जा रहा है। सख्त कानूनन व्यवस्था जरूरी है।