दिल्ली कैंट। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एनसीसी गणतंत्र दिवस कैंप में युवाओं को वैश्विक अनिश्चितताओं से जूझने के लिए शारीरिक-मानसिक रूप से सजग रहने का उपदेश दिया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में मॉक ड्रिल आयोजित कर राष्ट्र को एकजुट करने वाले एनसीसी कैडेट्स की सराहना की।
कैडेट्स को दूसरी रक्षा पंक्ति मानते हुए सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया, जिसमें सेनाओं ने पहलगाम के कायर हमले का जवाब देते हुए पाक-पीओके के आतंकियों को ध्वस्त किया। केवल अपराधियों को निशाना बनाकर संयम बरता गया।
अभिमन्यु जैसे युवा बनें, जो चक्रव्यूह तोड़ सकें। 2047 के विकसित भारत अभियान में युवाओं की जिम्मेदारी बढ़ी है। एनसीसी आरामदायक जीवनशैली से उबारकर अनुशासन व कौशल सिखाती है। आज के फूड डिलीवरी-गेम्स के जमाने में यह फोकस व धैर्य का सबक देती है।
प्लान बी-सी की तैयारी पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि असफलता पर हार न मानें। एनसीसी से निकले कैप्टन पांडे, बत्रा, पीएम मोदी जैसे व्यक्तित्व राष्ट्र निर्माण के प्रतीक हैं। गणतंत्र दिवस संविधान के मूल्यों को मजबूत करने का अवसर है।
दीक्षांत परेड में जेके-लद्दाख की अर्पुन दीप कौर, बंगाल-सिक्किम के पाल्डेन लेपचा को पदक, अन्य चार को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। गार्ड ऑफ ऑनर, सिंधिया स्कूल बैंड, ध्वज क्षेत्र व सांस्कृतिक प्रस्तुतियां यादगार रहीं। एनसीसी महानिदेशक सहित अधिकारी मौजूद थे।