संभल के सीजेएम विभांशु सुधीर के तबादले ने सियासत को गरमा दिया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा को न्यायिक हस्तक्षेप का दोषी ठहराया, इसे लोकतंत्र पर प्रहार बताया।
योगी सरकार पर निशाना साधते हुए खेड़ा बोले, ‘बाहरी मॉडल यूपी में मत आजमाओ।’ संभल बार एसोसिएशन में आक्रोश व्याप्त है, नारे लग रहे हैं। समाज के हर तबके—युवा से मजदूर तक—भाजपा से नाराज हैं।
खेड़ा ने बाबू बजरंगी वीडियो प्रसारित कर गुजरात मॉडल का पर्दाफाश किया। दंगाइयों को बचाने जज बदले गए थे, वही अब यूपी में हो रहा। 19 जनवरी के एफआईआर आदेश के बाद सुधीर को सुल्तानपुर भेजा गया। नया जज भी वकीलों के विरोध से हटा।
दिल्ली दंगों के जस्टिस मुरलीधर और गुजरात के अन्य मामलों का हवाला देकर खेड़ा ने कहा, भाजपा अदालतों पर कंट्रोल चाहती है। ‘मॉडल एक: जज बदलो, मॉडल दो: ट्रांसफर कर दो।’
कांग्रेस वकीलों के समर्थन में उतरी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के 14 अधिकारियों के तबादले संदिग्ध लग रहे। खेड़ा ने कहा, ‘न्याय की आखिरी उम्मीद शासक हैं। अगर वे पक्षपात करें, लोकतंत्र डगमगाएगा।’
ये विवाद न्यायपालिका की स्वायत्तता पर चुनौती है। वकील सड़कों पर हैं, कांग्रेस उनके साथ। राजनीतिक दबाव के खिलाफ एकजुटता जरूरी है।