रुद्रप्रयाग में केदारनाथ धाम और घाटी क्षेत्र में 24 घंटे से तेज बर्फबारी का दौर चल रहा है। बर्फ का ढेर लग गया है और ठंडक हड्डियां चीरने वाली हो गई है। फिर भी, मंदिर की सुरक्षा चाक-चौबंद है।
आईटीबीपी जवान और उत्तराखंड पुलिस के अधिकारी अथाह ठंड, प्रचंड हवाओं तथा हिमाच्छादित मार्गों से जूझते हुए डटे हुए हैं। मंदिर इलाके, खतरे वाले जोन और मुख्य सड़कों पर वे राउंड द क्लॉक गश्त कर रहे हैं। हिम सफाई, आवाजाही बहाल करने तथा इमरजेंसी हैंडलिंग में लगे हैं।
दोनों बलों की मिलीभगत वाली यूनिट्स अलर्ट मोड में हैं। कम्युनिकेशन चैनल सुचारु हैं, बचाव उपकरण स्टैंडबाय पर हैं और सरकारी संसाधनों की हिफाजत पक्की है। खतरनाक फिसलन और ऊबड़-खाबड़ भूभाग बाधाएं हैं, मगर हौसला ऊंचा है। सहायता का हाथ भी बढ़ा रहे हैं।
सीजन की शुरुआती बर्फ ने धाम को मोहक रूप दिया है। बर्फीली चमक से नजारा दिलकश है, लेकिन विपरीत परिस्थितियों में सेवारत इन सैनिकों की वीरता काबिले तारीफ है।
साल भर आईटीबीपी के करीब 30 जवान यहां डेरा डाले रहते हैं, पुलिस की मदद से। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है- अनावश्यक घूमना बंद, खास रात के वक्त, पाला-पानी से खतरा।
ये प्रयास मजबूत चौकीजारी के साथ सेवाभाव को रेखांकित करते हैं। केदारनाथ जैसे तीर्थ की हिफाजत में इनकी कुर्बानी सराहनीय है।