बिहार के पटना में कर्पूरी ठाकुर की जन्म जयंती पर नीतीश कुमार और मंत्रिमंडल ने हृदय से उन्हें याद किया। इस भारत रत्न प्राप्त जननायक के सिद्धांतों को अपनाने का विश्वास दिलाया गया, जो सामाजिक न्याय के प्रतीक बने रहे।
श्रवण कुमार ने बताया कि ठाकुर ने निर्धनता से उबरकर बिहार को नई दिशा दी। सीएम नीतीश के नेतृत्व में उनके अधूरे सपनों को पूरा किया जा रहा है, विशेषकर ग्रामीण विद्युतीकरण जैसे क्षेत्रों में।
राम कृपाल यादव ने उनके सान्निध्य की यादें साझा कीं। ‘ऐसे महानायक दुर्लभ होते हैं। उनकी सत्यनिष्ठा का अनुसरण ही हमारा कर्तव्य है,’ उन्होंने कहा। राज्यव्यापी उत्सवों में लोग उनकी स्मृति को जीवंत कर रहे हैं।
संतोष कुमार सुमन ने कहा कि ठाकुर के कार्य युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं, जिन्होंने पिछड़ों के हक के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया। सुमित कुमार सिंह ने पार्टी की परंपरा का जिक्र करते हुए सभी जिलों में हो रहे आयोजनों की सराहना की।
ये समारोह ठाकुर की विरासत को मजबूत करते हैं, जो बिहार सरकार की नीतियों में स्पष्ट दिखाई देती है। समावेशी विकास का उनका मार्ग आज भी प्रासंगिक है।