माघ मास का शुक्ल सप्तमी रविवार को सूर्य आराधना के पर्व भानु सप्तमी और गुप्त नवरात्रि के सातवें चरण के साथ विशेष बन पड़ा है। 25 जनवरी को यह दिन सूर्य-देवी उपासकों को अपार लाभ देगा।
रवि सप्तमी के नाम से प्रसिद्ध भानु सप्तमी पर सूर्य पूजन अत्यंत फलदायी माना जाता है। इससे धन-धान्य, अच्छा स्वास्थ्य, व्यवसायिक सफलता और कष्ट निवारण होता है।
गुप्त नवरात्रि माघ शुक्ल पक्ष की गूढ़ साधना है, जो मंत्र तंत्र के साधकों को आकर्षित करती है। रविवार का यह दोहरा पर्व आध्यात्मिक ऊर्जा का भंडार है।
पूजन विधि: प्रातः स्नान कर सूर्य अर्घ्य। लाल चंदन, रोली, रक्त पुष्प, गुड़, चावल, जल चढ़ाएं। जपें ‘ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः’, ‘घृणि सूर्याय नमः’, ‘सूर्य देवताभ्यां नमः’ कम से कम 108 बार। दान में गुड़, गेहूं, लाल कपड़ा या तांबा दें।
सूर्य भक्ति नई प्रेरणा देती है, करियर उड़ान भरता है, बीमारियां भागती हैं। देवी साधना जोड़ने से शक्ति दोगुनी हो जाती है।
पंचांग विवरण: सप्तमी तिथि रात्रि 11:10 तक। रेवती दोपहर 1:35 तक, अश्विनी बाद में। चंद्रमा मीन में। उदय 7:13, अस्त 5:54।
अशुभ काल: राहु 4:34-5:54 अपराह्न, यमगंड 12:34-1:54, गुलिक 3:14-4:34। शुभ: ब्रह्म 5:26-6:19, अभिजित 12:12-12:55।
भक्त इस अवसर को न चूके, जीवन में सूर्योदय हो।