पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 2026 मतदाता सूची के SIR अभियान को सुरक्षित रखने के लिए अलर्ट मोड में आ गए हैं। जिला अधिकारियों को हिदायत है कि किसी भी तरह की अराजकता, संपत्ति क्षति या स्टाफ को धमकी मिलने पर तुरंत थाने में मुकदमा दर्ज कराएं।
सर्वोच्च न्यायालय के 19 जनवरी 2026 के फैसले के बाद यह कदम उठाया गया, जब टीएमसी समेत कई याचिकाओं में SIR में गड़बड़ियों का हवाला दिया गया। 1.36 करोड़ नोटिसों से मतदाताओं में रोष भड़का था। कोर्ट ने निष्पक्षता के लिए नामों की सार्वजनिक सूची, प्रमाण-पत्र जमा आसानी और सुनवाई अवसर प्रदान करने को कहा।
सीईओ के पत्र में उल्लेख है कि FIR प्रतियों का आदान-प्रदान एसपी व उनके कार्यालय से होगा। लगातार हिंसा पर कार्यक्रम स्थगित रहेगा, पुनः प्रारंभ केवल उनकी मंजूरी से। विलंब बर्दाश्त नहीं होगा, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
2026 चुनावों की तैयारी में मतदाता सूची का परिष्कार महत्वपूर्ण है। आयोग इसे नियमित प्रक्रिया मानता है, लेकिन सत्ताधारी दल ने पक्षपात का दावा किया। यह नीति राज्य की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करेगी।