उज्जैन के तराना में समुदायों के टकराव के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को चेतावनी जारी की कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जabalपुर में मीडिया से बातचीत में उन्होंने अपनी सरकार के सुशासन मॉडल का जिक्र किया।
बुधवार रात का मामूली झगड़ा गुरुवार को हिंसा में बदल गया जब वीएचपी कार्यकर्ता और उनके साथी पर कथित हमला हुआ। अगले दिन पथराव की घटना ने माहौल गरमा दिया। वायरल वीडियो ने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 20 गिरफ्तारियां कीं। एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा कि बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी गई है। फ्लैग मार्च और गश्त से शांति बहाल करने की कोशिश हो रही है। समुदाय नेताओं से बैठकें हो रही हैं।
यादव ने कहा, ‘जहां व्यवस्था में खलल है, वहां हम सख्ती से निपटते हैं। राज्य की tranquility बनाए रखने में हम सक्षम हैं।’ अफवाहबाजों पर कार्रवाई और सीसीटीवी जांच तेज है। इलाके में सुरक्षा चाक-चौबंद है।
सरकार का यह रुख भविष्य की ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने का संकल्प दर्शाता है, जिससे जनता में विश्वास बढ़े।