तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों की दहलीज पर एनडीए ने प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में अभियान का आगाज किया। चेन्नई के बाहरी इलाके में हुई रैली में एएमएमके प्रमुख टीटीवी दिनाकरन ने सीएम स्टालिन को वंशवाद का पर्याय बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कानून-व्यवस्था की पोल खुल रही है, अपराध बढ़ रहे हैं, लेकिन स्टालिन का पूरा ध्यान बेटे उदयनिधि को सत्ता सौंपने पर है। ‘राज्य संकट में डूबा है, फिर भी परिवार की राजनीति चरम पर,’ दिनाकरन ने तंज कसा।
मोदी की मौजूदगी में पलानीस्वामी, रामदास, वासन जैसे नेता एकजुट हुए, जो गठबंधन की ताकत दर्शाता है। दिनाकरन ने कहा कि पीएम तमिलनाडु को परिवारिक राज से मुक्त करेंगे और विकास-आधारित शासन लाएंगे।
गठबंधन में शामिल होने के फैसले पर उन्होंने कहा कि पुराने झगड़े भुला दिए गए, क्योंकि राज्य का भला सर्वोपरि है। जयललिता के सिद्धांतों का जिक्र कर उन्होंने नेताओं से जनहित में कदम उठाने का आह्वान किया।
एनडीए अब डीएमके की जड़ें हिला देने को बेताब है। भ्रष्टाचार दूर, सुरक्षा मजबूत और प्रगति का सपना बेचते हुए यह गठबंधन चुनावी समर में उतर चुका है। तमिलनाडु के मतदाता अब फैसला करेंगे।