राजनीति में नया विवाद भड़क गया है। भोपाल पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विदेशी मूल की मां का बेटा देश चला सकता है या देशभक्त हो सकता है, यह असंभव है। इस बयान ने पूरे देश में सियासी सरगर्मियां बढ़ा दीं।
कांग्रेस के हुसैन दलवई ने मुंबई में इसकी कड़ी निंदा की। आईएएनएस को दिए बयान में उन्होंने राहुल को आमजन के अधिकारों का सिपाही बताया। ‘राहुल गांधी इस मुल्क में जनता के हक के लिए जंग लड़ रहे हैं। प्रज्ञा ठाकुर अगर दम रखती हैं तो खुद आकर लड़ें। वास्तव में वे राष्ट्र की नंबर वन खतरा हैं।’
सोनिया गांधी का पक्ष लेते हुए दलवई बोले कि वे भारतीय नागरिक हैं, उन पर टिप्पणी अनुचित है। प्रज्ञा के कामकाज की जांच होनी चाहिए। उन्होंने भाजपा को जनविरोधी करार दिया। ‘पार्टी की नीति जनता के खिलाफ है। गंभीर इल्जामों वाली प्रज्ञा को टिकट देकर उन्होंने अपना स्वरूप दिखा दिया।’
दलवई ने इतिहास का सहारा लिया, ‘कांग्रेस की आजादी संग्राम की कुर्बानी क्या पूर्व सांसद जानती हैं? उनके पुरखे तब क्या कर रहे थे?’ प्रज्ञा ने पलटकर कांग्रेस को बिना विचारधारा का बताया। राहुल पर हिंदुओं व भगवा को आतंकी कहने का इल्जाम लगाया। ‘ऐसे चरित्र वाले व्यक्ति की कोई बात कबूल नहीं।’
यह टकराव सियासत को नया रंग दे रहा है। दोनों पक्षों के समर्थक मैदान में उतर आए हैं।