पटना/नई दिल्ली से खबर है कि राहुल गांधी ने लोकसभा में ‘जी राम जी’ योजना का नाम जानबूझकर नहीं लिया, जिस पर एनडीए ने कड़ा प्रहार किया। भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ल ने इसे मुगल सोच का प्रभाव करार दिया। प्रभु राम के नाम से परहेज उनकी सोच को दर्शाता है।
शुक्ल ने तुलना की कि बाबर की मزار पर श्रद्धा दिखाने वाले राहुल राम का जिक्र टालते हैं। लोजपा (रा.वि.) सांसद शांभवी चौधरी ने राहुल को राष्ट्रीय मामलों में लापरवाह बताया। वे बिना बैकग्राउंड जाने डर फैलाते हैं।
चौधरी ने कहा कि राहुल झूठे दावों से जनहित का ढोंग करते हैं, लेकिन स्वयं तथ्यों से अनभिज्ञ रहते हैं। योजना पर उनका रुख गलत एजेंडे को बढ़ावा देता है। महात्मा गांधी के ग्राम स्वावलंबन के सिद्धांत पर बनी यह योजना निरंतर बेहतर हो रही है।
सरकार की समीक्षा प्रक्रिया इसे वर्तमान जरूरतों के अनुरूप ढालती है। यह किसान कल्याण का माध्यम है। विवाद सांस्कृतिक और विकासात्मक मोर्चों पर NDA की मजबूत पकड़ दिखाता है।
विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठे हैं, जबकि ग्रामीण मतदाता योजना के पक्ष में हैं। राजनीतिक तापमान बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।