मध्य प्रदेश के विवादित भोजशाला स्थल पर सुप्रीम कोर्ट का हालिया निर्देश दो समुदायों के बीच नई तनातनी पैदा कर सकता है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के प्रमुख मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने बरेली से चेतावनी जारी की है।
कोर्ट ने धार जिले के इस स्थान पर बसंत पंचमी को सूर्योदय पूर्व पूजा और उसके बाद नमाज की अनुमति दी है। स्वामित्व का फैसला लंबित होने के बावजूद यह अस्थायी इंतजाम रजवी को जोखिम भरा लग रहा है। उन्होंने कहा, “एक ही जगह धार्मिक क्रियाएं होने से विवाद गहरा जाएगा।”
वर्षों से चले आ रहे इस मुद्दे में हाल के दिनों बसंत पंचमी पूजा और जुमे की नमाज पर रोक के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। अदालत ने समय सीमा तय कर टकराव रोकने की कोशिश की। रजवी ने शांति की प्रार्थना की।
प्रयागराज कुंभ के स्नान विवाद पर बोलते हुए उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का सम्मान किया। मेला प्रशासन के नोटिस अनुचित थे, लेकिन सीएम की अपील के बाद अब प्रदर्शन बंद हो। धर्मगुरु को धार्मिक कर्तव्यों पर ध्यान देना चाहिए।
रजवी के विचार धार्मिक स्थलों पर न्यायिक हस्तक्षेप के प्रभाव को रेखांकित करते हैं, जहां शांति सर्वोपरि है।