रायपुर/बीजापुर। दूरस्थ लंकापल्ली के जंगल में माओवादी आईईडी फटने से एक निर्दोष की जिंदगी दांव पर लग गई। राजू मोदियामी का पैर विस्फोट में बुरी तरह जख्मी हो गया, एड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
फिर भी उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया। सात किलोमीटर की दुर्गम दूरी तय कर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां से जिला अस्पताल रेफर हुए। डॉक्टरों का प्रयास जारी है, हालत गंभीर है।
बस्तर जैसे नक्सल इलाकों में ये विस्फोटक सुरक्षा चुनौती हैं। स्थानीय निवासी जंगल पर निर्भर, अनजाने में शिकार बनते हैं। पुलिस ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है ताकि और हादसे न हों।
मोदियामी की कहानी हौसला बढ़ाती है। इधर, सुरक्षाबलों को सफलता मिली जब बीजापुर में छह नक्सली मारे गए। संयुक्त अभियान से विद्रोहियों की कमर टूटी।
ये घटनाएं बताती हैं कि विकास और सुरक्षा के बिना शांति असंभव। आदिवासी क्षेत्रों में स्थायी समाधान जरूरी है।