पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में भाजपा विधायक शंकर घोष ने हाथी मोड़ पर चल रही अपनी 24 घंटे की भूख हड़ताल शुक्रवार को समाप्त की। गुरुवार शुरू हुए इस आंदोलन का मकसद विपक्षी विधायकों के अधिकार बचाना और एमएलएएलएडी योजना की जटिलताओं को दूर करना था।
नेताजी जयंती के अवसर पर उन्हें नमन करते हुए घोष ने सत्तारूढ़ दल की तुलना अंग्रेजों से की। ‘नेताजी ने विदेशी शासन का मुकाबला किया, आज टीएमसी विपक्ष पर वैसा ही जुल्म ढा रही है,’ उन्होंने कहा।
टीएमसी और सरकार पर जनप्रतिनिधियों को तंग करने, विकास परियोजनाओं में जानबूझकर बाधा उत्पन्न करने का इल्जाम लगाया। विधायक बनते ही सत्ता के दुरुपयोग का सिलसिला शुरू हो गया। संवैधानिक अधिकारों पर कुठाराघात हो रहा, निधि पर राजनीतिक पाबंदियां लगाई जा रही।
सीएम को सौंपा ज्ञापन बेकार, अधिकारियों को पत्र का कोई असर नहीं, महापौर से मिलने की गुजारिश ठुकराई गई। प्रशासन निधि देने में टालमटोल कर रहा।
उन्होंने कहा कि मंशा झड़प की नहीं, अपितु उचित विकास और अधिकारों की सुरक्षा है। बंगाल में बढ़ते राजनीतिक विवादों के बीच यह कदम महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।