देश की आर्थिक नगरी मुंबई के वर्ली पुलिस कैंप में एक पुलिसकर्मी के परिवार पर संकट के बादल मंडराने लगे थे, लेकिन मां की हिम्मत और इलाकावासियों की एकजुटता ने खतरे को टाल दिया। पांच वर्षीय बच्चे को भगा ले जाने की धटना विफल होते ही आरोपी को लोहे की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया।
कोलाबा थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर सचिन तावरे के घर पर शाम ढलते-ढलते डर का माहौल बन गया। गृहिणी कोमल तावरे रसोई में व्यस्त थीं। बेटा स्माइट्स दोस्त बच्ची संग दुकान की ओर निकला। थोड़ी देर बाद लड़की दौड़ती हुई लौटी- एक अधेड़ आदमी भाई को खींचे जा रहा है!
कोमल ने फुर्ती दिखाई और गली में पहुंचकर हृदय विदारक दृश्य देखा। साकीनाका का लक्ष्मण कालू चौधरी (55) बच्चे को जबरन समुद्र की ओर ले जा रहा था। चिल्लाहट पर भीड़ जमा हो गई, सबने मिलकर मासूम को छुड़ाया।
एक सक्रिय नागरिक ने तुरंत पुलिस को कॉल की। वर्ली थाने की टीम ने मौके पर पहुंचकर बदमाश को दबोच लिया। स्माइट्स को चेकअप के बाद परिजनों को सौंपा गया। अपहरण के प्रयास का केस दर्ज।
आरोपी से कड़ाई से पूछताछ हो रही है। पुलिस जानना चाहती है कि उसका उद्देश्य क्या था? क्या कोई गैंग है या निजी दुश्मनी? वर्ली पुलिस ने आश्वासन दिया कि पूरी सच्चाई उजागर होगी। इस घटना ने पुलिसकर्मियों के परिवारों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच तेज।