प्रतिष्ठित आईआईटी कानपुर में एक और छात्र की आत्महत्या ने उच्च शिक्षा संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य संकट को उजागर कर दिया। इस पर त्वरित कार्रवाई में शिक्षा मंत्रालय ने विशेष समिति बनाई है, जो हालिया घटनाओं और मानसिक कल्याण दिशानिर्देशों की पुष्टि करेगी।
प्रो. अनिल डी. सहस्रबुद्धे के नेतृत्व में डॉ. जितेंद्र नागपाल और संयुक्त सचिव वाली यह टीम 15 दिनों के अंदर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। 2023 के दिशानिर्देशों का अनुपालन जांचा जाएगा, जो संवेदनशील शिक्षक प्रशिक्षण, परामर्श व्यवस्था और तनाव चेतावनी तंत्र पर जोर देते हैं।
परिस्थितियों का विश्लेषण, संस्थागत नीतियों की पड़ताल, सहायता सेवाओं की उपलब्धता और प्रभाव का मूल्यांकन होगा। ढांचागत खामियों की पहचान कर मजबूती के उपाय सुझाए जाएंगे।
संस्थान के विभिन्न पक्षकारों से बातचीत और जरूरी सामग्री प्राप्त कर रोकथाम संबंधी सिफारिशें होंगी। अन्य प्रासंगिक मुद्दों पर भी विचार संभव है।
छात्र कल्याण को मजबूत करने वाली निरंतर पहलें, जैसे शिक्षकों के लिए कार्यशालाएं और वार्षिक सम्मेलन, मंत्रालय की प्रतिबद्धता दर्शाती हैं। परिसरों को सहयोगी और संवेदनशील बनाने का संकल्प अटल है।