भाजपा नेता तरुण चुघ ने 1984 सिख दंगों के मामले में सज्जन कुमार की बरीगी पर गहरी नाराजगी जाहिर की। राऊज एवेन्यू कोर्ट के इस फैसले को उन्होंने बेहद दर्दनाक बताया, जो चार दशक बाद भी न्याय की आस को चूर कर देता है।
चुघ ने कहा कि दोषियों को बचाने की कोशिशें न्यायपालिका की नींव हिला रही हैं। ‘सिख भाइयों पर अत्याचार करने वालों को सजा मिलकर रहेगी। निर्दोषों के कत्लेआम के जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा,’ उन्होंने जोर देकर कहा। पीड़ितों के परिजन अभी भी इंसाफ की राह देख रहे हैं और यह फैसला उनके दर्द को बढ़ा देता है।
कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए चुघ ने आरोप लगाया कि पार्टी ने सदैव विवादास्पद नेताओं को बचाने का प्रयास किया है। ऐसे संरक्षण से पीड़ितों को कभी मुकम्मल न्याय नहीं मिला।
इसके विपरीत, चुघ ने राजस्थान सरकार के जनसंख्या असंतुलन सुधारने वाले कदम की सराहना की। ‘देश की जनसांख्यिकीय संरचना को ठीक रखना जरूरी है। घुसपैठियों को पहचानकर निकालना चाहिए, ताकि गरीब नागरिकों के अधिकार सुरक्षित रहें।’ अवैध प्रवासियों से सुरक्षा खतरे के साथ-साथ सामाजिक संतुलन बिगड़ता है। यह नीति राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण साबित होगी।