राज्य में न्याय की गति बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अभूतपूर्व कदम उठाया है। फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरीज में जमा मामलों को साफ करने का विशेष अभियान ‘सभी के लिए न्याय, त्वरित न्याय’ के लक्ष्य को साकार कर रहा है। नई कानूनी व्यवस्थाओं के अनुरूप प्रक्रियाओं में सुधार से पीड़ितों को जल्द राहत मिल रही है।
वर्ष 2025 में 1.81 लाख पुराने और 2.94 लाख नए मामलों के बीच संचालनालय ने दिसंबर अंत तक 3.96 लाख से अधिक निपटारे किए, जिससे बाकी 79 हजार 542 रह गए। अधिकारियों ने लंबे समय तक काम किया, छुट्टियों में भी जारी रखा, जिससे क्षमता से 1.02 लाख अतिरिक्त मामले सुलझे।
कन्वेंशनल फॉरेंसिक ने 3.96 लाख मामले निपटाए, नए के लिए तत्काल कार्रवाई की योजना फरवरी 2026 से। साइबर, ध्वनि और वीडियो इकाइयों में भी तेजी आई है। यह बदलाव न्याय प्रक्रिया को मजबूत बनाएगा।
राज्यव्यापी मोबाइल फॉरेंसिक वैनों से स्थानीय स्तर पर सुविधा बढ़ेगी। फडणवीस की दृष्टि से महाराष्ट्र न्यायिक मॉडल बनने को तैयार है, जहां देरी का अंत हो गया है।