भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ल ने महाराष्ट्र राजनीति के ताजा घटनाक्रम पर खुलकर बोला। उन्होंने ठाकरे भाइयों की एकता को चुनावी चाल बताते हुए कहा कि वोट पड़ते ही यह गठजोड़ टूट गया। डोंबिवली-कल्याण में राज ठाकरे के मनसे का एकनाथ शिंदे की शिवसेना को समर्थन इसकी पुष्टि करता है।
शुक्ल के अनुसार, राज ने शिंदे को ठाकरे खानदान का सच्चा उत्तराधिकारी मान लिया। मनसे के पूर्व विधायक ने स्वीकार किया कि समर्थन राज की मंजूरी से ही मिला। उद्धव ठाकरे की टीम पर कटाक्ष करते हुए बोले कि खुले में हो रही यह राजनीति वे नजरअंदाज कर रहे हैं।
कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में मनसे ने महायुति को मेयर बनाने का ऐलान किया। राज्य की 29 निगमों के चुनाव 15 जनवरी को संपन्न हुए, नतीजे 16 को आए जहां महायुति का जलवा रहा।
सनातन और शंकराचार्य विवाद पर शुक्ल ने भाजपा को सनातन का प्रहरी बताया। कारसेवकों पर गोलियां चलाने वालों को सनातन का ढोंग रचने वाला करार दिया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़ी घटनाओं में उनकी संलिप्तता का भी जिक्र किया।
ये बयान महाराष्ट्र में नई सियासी सरगर्मियां पैदा कर रहे हैं।