गुजरात में खैर लकड़ी तस्करों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए 11.3 करोड़ रुपये मूल्य की 14 संपत्तियों को पल भर में कुर्क कर दिया। पीएमएलए के दायरे में यह छापेमारी अवैध वन कटाई से उपजी काली कमाई पर लगाम लगाती है।
मंडवी साउथ रेंज के वन अधिकारी की शिकायत पर भड़की जांच ने वन्यजीव कानून के उल्लंघन का पर्दाफाश किया। प्रमुख आरोपी मुस्ताक तसिया व ताहिर हुसैन ने छह जिलों के संरक्षित क्षेत्रों से खैर काटकर दूसरे प्रांतों में धड़ल्ले से बेचा, जिससे खजाने को चूना लगा।
प्राकृतिक संतुलन बिगड़ा, करोड़ों की कमाई संपत्तियों में बदल गई। गोधरा की ये प्रॉपर्टियां अब ईडी के कब्जे में हैं। जनवरी में लूनिया व चोकसी की जमीनें भी फंसीं, जो कागजों से कहीं ज्यादा कीमत की हैं।
बैंक घोटाले का कोण भी उभरा, जहां रंजीत लूनिया ने साजिश रची। नकली वैल्यूएशन व रिकॉर्ड से लोन लिया, फंड्स घुमाकर निजी खर्चों में उड़ाए। एनपीए आंकड़ा डेढ़ लाख से चढ़कर 11 करोड़ पार कर गया।
आगे की कार्रवाई से तस्करी का जाल जकड़ना तय है, जो इको-सिस्टम व अर्थव्यवस्था दोनों की हिफाजत का पैगाम देती है।