केंद्रीय मत्स्य पालन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि भारत वैश्विक मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर में बड़ा नाम बन चुका है। 40 देशों के अधिकारियों के सम्मेलन में उन्होंने सरकारी प्रयासों से दस सालों में निर्यात मूल्य दोगुने होने की बात कही।
2025 के ट्रेसबिलिटी फ्रेमवर्क, एसईजेड नियमों और समुद्री मछली पकड़ने दिशानिर्देशों से स्थिरता और पारदर्शिता मजबूत हो रही है। द्वीपीय क्षेत्रों में विकास को प्राथमिकता।
प्रोसेसिंग, शीत भंडारण, जहाज डिजाइन, डिजिटल ट्रैकिंग, तकनीक साझा, जलवायु प्रतिरोध, व्यापार विस्तार में साझेदारी के द्वार खुले हैं। कार्यक्रम में महासागर संरक्षण, टिकाऊ प्रबंधन, प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान, सजावटी मछली और शैवाल पर फोकस।
राज्य मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल ने सीफूड को वैश्विक भोजन सुरक्षा का स्तंभ बताया। पूरी चेन पर रणनीति से स्थायित्व सुनिश्चित।
जॉर्ज कुरियन ने उत्पादन वृद्धि पर प्रकाश डाला। 1 लाख करोड़ निर्यात लक्ष्य, सात महीनों में 21% उछाल से क्षेत्र की ताकत सिद्ध। भारत का भविष्य उज्ज्वल।