तमिलनाडु में सियासी घमासान तेज हो गया। भाजपा ने डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन को हिंदुओं का अपमान करने का दोषी ठहराते हुए इस्तीफा देने की मांग उठाई। मदुरै बेंच के फैसले ने अमित मालवीय पर दर्ज केस रद्द कर स्टालिन के बयानों पर सवाल खड़े किए।
प्रवक्ता एएनएस प्रसाद ने इसे स्टालिन की पद के अयोग्यता का प्रमाण बताया। जस्टिस एस. श्रीमाथी ने 20 जनवरी को फैसला सुनाया कि मालवीय का स्टालिन के सनातन धर्म विरोधी बयानों पर पोस्ट अपराध नहीं था।
2023 में स्टालिन ने सनातन को संक्रामक रोगों से जोड़कर समाप्त करने की वकालत की थी। भाजपा इसे हिंदू भावनाओं पर हमला मानती है। कोर्ट ने पुलिस का दुरुपयोग रद्द कर दिया।
प्रसाद बोले, ‘संविधान सभी धर्मों का सम्मान करता है। मंत्री सार्वजनिक रूप से नफरत नहीं फैला सकता।’ यह फैसला नेताओं के बयानों पर जवाबदेही तय करता है।
भाजपा ने इस्तीफे को नैतिक बाध्यता कहा। तमिलनाडु में भाजपा-डीएमके टकराव अब धार्मिक मुद्दों पर केंद्रित हो सकता है, जो आने वाले चुनावों को प्रभावित करेगा।