राम मंदिर के गौरवपूर्ण सफर की याद दिलाता ‘मोदी आर्काइव’ का पोस्ट सुर्खियों में है। गुरुवार को एक्स पर साझा 1989 का लेख ‘अनिकेत’ के नाम से पीएम नरेंद्र मोदी का है। साधना पत्रिका में छपा यह गुजराती लेख राम शिलान्यास के महत्व को रेखांकित करता है।
लेख में कहा गया कि स्वतंत्र भारत में हिंदू पहली बार विजयश्री की ओर अग्रसर हो रहा। ये तारीखें हिंदू इतिहास में अमर हैं। विश्व का ध्यान अयोध्या पर था, पर सत्तालोलुप नेता दंगे भड़काने की धमकी देते रहे।
कांग्रेस पर आरोप कि उसने हड्डियां हवन में डालने की हर ट्रिक आजमाई। आजादी के बाद रामभूमि मांग नजरअंदाज की, रथ रोके, ताला न खोला। हिंदू जागरण से मजबूर हुई।
शिला कार्यक्रम रोका, लेकिन गांव-गांव पूजन हुए। नाकोंच नीचे शोभायात्राएं धूमधाम से निकलीं। भय का राज स्थापित करने के सारे प्रयास विफल।
अयोध्या घटना विराट विजय का प्रतीक बनी। 43 साल की साजिशें बेनकाब हुईं। वर्तमान में भव्य राम मंदिर इस चेतना का जीवंत प्रमाण है।