भारत में बेटी को लक्ष्मी तुल्य मानने वाली परंपरा को मजबूत करने वाला ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान ने 11 बसंत देखे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर इसकी वर्षगांठ पर उत्साह जताते हुए कहा कि आजादी की बेटियां हर मोर्चे पर रिकॉर्ड तोड़ रही हैं।
उनकी पोस्ट में लिखा, ’11 साल पहले आज के दिन शुरू हुए इस अभियान पर गर्व है। भारत की बेटियां हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।’ एक प्राचीन शुभाशीत के साथ उन्होंने कन्या के पारिवारिक महत्व को रेखांकित किया।
2015 में आरंभ यह 100% केंद्र वित्त पोषित कार्यक्रम लिंग असंतुलन दूर करने, बालिकाओं की रक्षा और पढ़ाई पर जोर देता है। सभी जिलों में सक्रिय यह मुहिम ने जागरूकता फैलाकर सामाजिक परिवर्तन लाया।
परिणाम उल्लेखनीय हैं—जन्म के समय लिंगानुपात 918 से सुधरकर 929 हुआ (एचआईएमआईएस), जबकि माध्यमिक शिक्षा में लड़कियों का नामांकन 75.51% से बढ़ 78% (यूडीआईएसई)।
ओलंपिक स्वर्ण से लेकर स्टार्टअप की दुनिया तक, बेटियां चमक रही हैं। पीएम मोदी का संदेश भविष्य के लिए प्रेरणा है, जो बेटी सशक्तिकरण को राष्ट्र निर्माण का आधार बनाए रखेगा।