जम्मू-कश्मीर की उधमपुर कलाड़ी अब आधुनिक खाद्य तकनीकों से सजग होकर देश-विदेश के व्यंजनों का हिस्सा बनेगी। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बैठक में स्पष्ट किया कि जीआई प्राप्त इस दुग्ध उत्पाद का असली दूधिया स्वाद, कोमलता और पोषक तत्व बरकरार रहें।
सरकारी ‘एक जिला एक उत्पाद’ अभियान से कलाड़ी को मूल्यवृद्धि और लंबी शेल्फ लाइफ मिलेगी, जिससे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंच आसान होगी। मंत्री ने चेतावनी दी कि वैज्ञानिक हस्तक्षेप से इसकी पहचान प्रभावित न हो।
स्थानीय बाजारों तक सीमित रहने की समस्या पैकेजिंग, प्रोसेसिंग से हल होगी। ‘जम्मू मोजरेला’ की खिंचने वाली खासियत को व्यंजनों में उपयोगी बनाना है। सीएफटीआरआई और आईआईआईएम जम्मू को मिलकर काम करने, रिपोर्ट समयबद्ध देने के आदेश।
जीआई टैग से कलाड़ी ने ग्रामीण रोजगार बढ़ाया है। जम्मू-कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों की पारंपरिक रेसिपी संग्रहित कर औद्योगिक मानक विकसित होंगे। यह परियोजना स्थानीय उत्पाद को वैश्विक मंच पर स्थापित करेगी, आर्थिक उन्नति सुनिश्चित करेगी।