भुवन बाम की उड़ान देखकर लगता है कि सपनों का पीछा करने से बड़ा कोई मंत्र नहीं। म्यूजिक में नाकामी झेलने के बाद उन्होंने कॉमेडी से नई ऊंचाइयां छुईं।
22 जनवरी को जन्मे भुवन बचपन के शरारती थे, लेकिन संगीत ने उन्हें जल्दी आकर्षित किया। चार साल की उम्र से क्लासिकल ट्रेनिंग ली, लेकिन ऊबकर छोड़ दिया। स्कूल में वापसी की, गिटार बजाया, रेस्तरां में परफॉर्म किया, ऑडिशन दिए—हर जगह रिजेक्शन।
एक वायरल रिपोर्टर वीडियो ने प्रेरित किया। सोशल मीडिया पर कॉमेडी वीडियो शुरू किए, ‘बीबी की वाइंस’ हिट हो गया। किरदारों की फौज ने भारत को हंसाया, यूट्यूब के टॉप कॉमेडियन बने।
कोविड में मां-बाप खोए, ब्रेक लिया। ‘ढिंडोरा’ से रिटर्न, जहां अभिनेता, लेखक और गायक बने। ‘साजिश’, ‘दीदी’, ‘बन गई जिंदगी’ गाने सुपरहिट। फिर ‘रफ्ता-रफ्ता’ जैसे ट्रैक्स रिलीज। पुराने सिंगल फ्लॉप थे, लेकिन अब पहचान बनी।
2025 में करण जौहर की ‘कुकू की कुंडली’ से बॉलीवुड डेब्यू। भुवन बाम सिखाते हैं—लक्ष्य हो तो कायनात रास्ते बना देती है।