जन्मदिन मुबारक हो नम्रता शिरोडकर! 22 जनवरी को 54 बसंत गुजारने वाली यह अभिनेत्री बॉलीवुड की उन चंद हस्तियों में शुमार हैं जिन्होंने स्टारडम को ठुकराकर पारिवारिक जीवन चुना। उनकी जिंदगी से जुड़ी अनसुनी बातें।
एक्टिंग की विरासत दादी मीनाक्षी शिरोडकर से मिलीं, जिन्होंने बिकिनी सीन से मराठी सिनेमा में क्रांति ला दी। पारंपरिक परिवार की नम्रता ने बहन शिल्पा संग हिंदी फिल्मों में कमाल दिखाया।
1977 में ‘शिरडी के साईं बाबा’ से बाल कलाकार बनीं। पढ़ाई पूरी कर 1993 में मिस इंडिया बनीं और मिस यूनिवर्स में टॉप-6 में शुमार रहीं। इससे फिल्मी सफर शुरू हुआ।
‘जब प्यार किसी से होता है’ छोटे रोल से शुरुआत की, लेकिन संजय दत्त वाली ‘वास्तव’ ने करियर संवारा। इस क्राइम ड्रामा ने बॉक्स ऑफिस लूट लिया।
‘पुकार’, ‘अस्तित्व’, ‘कच्चे धागे’, ‘तेरा मेरा साथ रहे’ व ‘एलओसी’ जैसी फिल्मों ने अभिनय का लोहा मनवाया। तेलुगु फिल्म ‘वामसी’ में महेश बाबू संग केमिस्ट्री से प्यार परवान चढ़ा। शादी के बाद एक्टिंग छोड़ दी।
कम लोग जानते हैं कि अक्षय कुमार वाली ‘पूरब की लैला पश्चिम की छैला’ रिलीज नहीं हुई। नम्रता आज महेश बाबू व बच्चों संग हंसी-खुशी जी रही हैं, साबित करते हुए कि परिवार ही असली धन है।