योग का कमाल है कि यह शारीरिक कमजोरियों को जड़ से मिटा देता है। पूर्ण भुजंगासन ऐसा ही चमत्कारी आसन है, जो रोजाना करने से रीढ़ की हड्डी को नई जान डालता है और शरीर के दर्द को जड़ से उखाड़ फेंकता है।
यह भुजंगासन का गहन रूप पीठ की मांसपेशियों को स्टील जैसा मजबूत बनाता है, छाती फैलाता है और फेफड़ों को ताकतवर करता है। कंधों, कमर व गर्दन की जकड़न से तुरंत राहत मिलती है। करने का तरीका: उदर के बल शयन, हथेलियां कंधा-समीप। प्राणायाम से धड़ ऊर्ध्व, कुहनियां संकुचित, स्कंध पश्च। गुटका संकुचन से पादाग्र ऊर्ध्व, शीर्ष-पाद स्पर्श प्रयत्न। अवसाद रहित स्थिरता, तत्पश्चात विश्राम।
लाभ गजब के—रीढ़ सुगढ़, उदर तंत्र सशक्त, थायरॉइड प्रदीप्त, मानसिक शांति। डेस्क जॉब करने वालों के लिए आदर्श। प्रतिबंध: गर्भावस्था, कटि पीड़ादायक, रक्तदाब उच्चता, हृद्रोगी। प्रारंभिक चरण में विशेषज्ञ पर्यवेक्षण अनिवार्य। संयम व निरंतरता से योग चमत्कार रचता है। आज से शुरू करें।