दिल्ली भाजपा ने आप नेता सौरभ भारद्वाज के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और द्रौपदी मुर्मू पर की गई टिप्पणी को दलित व आदिवासी समाज के खिलाफ अपमानजनक करार दिया। पार्टी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने अरविंद केजरीवाल को इस बयान के लिए सार्वजनिक माफी मांगने और भारद्वाज को बर्खास्त करने की मांग की है।
मीडिया से बातचीत में सचदेवा ने भारद्वाज की प्रेस कॉन्फ्रेंस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भारद्वाज ने केजरीवाल के इशारे पर जो कहा, वह संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर और एससी-एसटी समुदाय का अपमान है। विशेष रूप से उन दो लाइनों पर आपत्ति जताई, जहां एनडीए काल के राष्ट्रपतियों को नीचा दिखाने की कोशिश की गई।
सचदेवा ने स्पष्ट किया कि कोविंद और मुर्मू जैसे नेताओं का सर्वोच्च पद पर आना इन समुदायों का सम्मान बढ़ाता है। भारद्वाज का बयान उनकी राजनीतिक मजबूरी को उजागर करता है। उन्होंने केजरीवाल से तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
इधर, भारद्वाज ने एक्स पर भाजपा के नवनियुक्त दिल्ली अध्यक्ष नितिन नबीन पर प्रहार किया। उन्होंने दावा किया कि नबीन जैसा कमजोर व्यक्ति कुर्सी पर सजाया गया है, जबकि वास्तविक सत्ता एक व्यक्ति के हाथों में केंद्रित है। नबीन का पदग्रहण समारोह मंगलवार को भव्य रूप से हुआ, जिसमें शीर्ष नेता उपस्थित थे।
यह घटनाक्रम दिल्ली की सियासत को नई ऊंचाई दे रहा है। भाजपा इसे सामाजिक न्याय के मुद्दे पर आप को घेरने का हथियार बना रही है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बयानों से चुनावी माहौल और गर्माने की संभावना है।